थार्नडाइक का सीखने का सिद्धान्त || Thorndike Theory of Learning in Hindi

थार्नडाइक का सीखने का सिद्धान्त (Thorndike Theory of Learning in Hindi) – जब अधिगम के प्रमुख सिद्धांतों की बात होती है. तो थार्नडाइक का सिद्धांत सर्वप्रथम आता है।

ई• एल• थार्नडाइक ने अपनी पुस्तक “शिक्षा मनोविज्ञान” में. सीखने के एक नये सिद्धांत का प्रतिपादन किया। जिसे निम्न नामों से भी जाना जाता है-

  1. थार्नडाइक का सम्बन्धवाद।
  2. सम्बंधवाद का सिद्धांत।
  3. उद्दीपक सिद्धांत (Stimulus-Response theory) or (S-R Theory)।
  4. सीखने का सम्बंध सिद्धांत।
  5. प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत।
थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत

थार्नडाइक का सीखने का सिद्धान्त || Thorndike Theory of Learning in Hindi

आइये अच्छे से समझते हैं कि. यह सिद्धांत आखिर है क्या बला।

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत का अर्थ

जब कोई व्यक्ति सीखता है. तो उसके सामने कोई विशेष सिचुएशन या उद्दीपक होता है. जो उसे एक विशेष प्रकार की प्रतिक्रिया करने के लिए प्रेरित करता है।

इस प्रकार एक विशिष्ट उद्दीपक का एक विशिष्ट प्रतिक्रिया से सम्बन्ध स्थापित हो जाता है. जिसे “उद्दीपक-प्रतिक्रिया” सम्बन्ध (S-R Bond) द्वारा व्यक्त किया जा सकता है।

thorndike theory of learning in hindi pdf, thorndike ke sabhi siddhant, problem ka siddhant,thorndike ka prayog in hindi, प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, S-R Theory in Hindi, थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत, थार्नडाइक का प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, थार्नडाइक का बिल्ली पर प्रयोग,

ये भी पढ़ें -  शिक्षण का अर्थ और परिभाषा एवं विशेषताएं

थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत की व्याख्या

महोदय थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत की व्याख्या करते हुए बताया है. कि “सीखना, सम्बन्ध स्थापित करना है। सम्बन्ध स्थापित करने का कार्य इंसान का दिमाग करता है।”

श्रीमान थार्नडाइक का विचार है कि. सीखने की प्रोसेस में. शारीरिक और मानसिक क्रियाओं का अलग-अलग मात्राओं में सम्बन्ध होना ज़रूरी है।

यह सम्बन्ध विशिष्ट उद्दीपकों (S) और विशिष्ट प्रतिक्रियाओं (R) के कारण. स्नायुमण्डल में स्थापित होता है। इस सम्बंध की स्थापना (S-R Bond) सीखने की सबसे इम्पोर्टेन्ट शर्त है।

थार्नडाइक का प्रयोग

थार्नडाइक में अपने सिद्धांत का टेस्ट करने के लिए, एक भूखी बिल्ली को पिंजड़े में बंद कर दिया। पिंजड़े का दरवाजा एक बटन के दबने से खुलता था।

पिंजड़े के बाहर खाना रख दिया। बिल्ली के लिए वह खाना (Food) उद्दीपक था। उद्दीपक के कारण उसमे प्रतिक्रिया प्रारंभ हुई। उसने अनेक प्रयास किये बाहर निकलने के। और एक बार उसका पंजा बटन पर पड़ गया।

ये भी पढ़ें -  व्यक्तित्व विकास को प्रभावित करने वाले कारक

पंजा बटन पर पड़ने से दरवाजा खुल गया। जिससे उसने खाना खा लिया।

थार्नडाइक ने इस प्रयोग (Experiment) को कई बार रिपीट किया। और लास्ट में एक ऐसा टाइम आया कि बिल्ली ने बिना किसी गलती के उस बटन को दबाना सीख लिया। अब सीधे बटन दबाती, दरवाजा खुलता, वो भोजन पा जाती।

इस प्रकार उद्दीपक और प्रतिक्रिया के सम्बंध स्थापित हो गया। थार्नडाइक के इस सिद्धांत में प्रयास और त्रुटि का बहुत महत्व है। थार्नडाइकने बताया कि “जब किसी कार्य मे हम त्रुटि करते हैं। और बार बार प्रयास करने पर त्रुटियों की संख्या कम या समाप्त हो जाती है। तो इसे प्रयास एवम त्रुटि द्वारा सीखना कहते हैं।”

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत का शैक्षिक महत्व

इनके सिद्धांत का शैक्षिक महत्व निम्न है। –

  • मन्द बुद्धि बालकों के लिए यह सिद्धांत बहुत useful है।
  • इस सिद्धांत से बच्चों में धैर्य और मेहनत जैसे गुण विकसित होते हैं।
  • Experience द्वारा advantage मिलने की capacity develop हो जाती है।
  • यह सिद्धांत प्रॉब्लम सॉल्विंग पर फोकस करता है।
ये भी पढ़ें -  भाषा अधिगम एवं भाषा अर्जन | Language Learning and Language Acquisition

• FREE CTET STUDY MATERIAL DOWNLOAD IN HINDI

• FREE UPTET NOTES PDF IN HINDI DOWNLOAD

• Download CTET EVS NCERT Notes PDF in Hindi

[Tag] thorndike theory of learning in hindi pdf, thorndike ke sabhi siddhant, problem ka siddhant,thorndike ka prayog in hindi, प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, S-R Theory in Hindi, थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत, थार्नडाइक का प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, थार्नडाइक का बिल्ली पर प्रयोग,

यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो अपने साथियों से शेयर करना न भूलें।

Leave a Comment