वृद्धि और विकास में अंतर

वृद्धि और विकास में अंतर- दो अलग-अलग शब्द हैं। पर अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं और दोनों को एक सा समझ लेते हैं।इसी बात का फायदा उठाया जाता है और Exam में इससे प्रश्न रख दिया जाता है। तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम वृद्धि और विकास में सारे मुख्य अंतर जानेंगे। वृद्धि से आप क्या समझते हैं व वृद्धि और विकास की अवधारणा जानेंगे।

अगर किसी ने आपसे कहा कि वृद्धि और विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए या बताइये तो आपको घबराने की ज़रूरत नही है। इसको एक पंक्ति में आप ऐसे समझ सकते हैं कि वृद्धि केवल शारीरिक होती है जबकि विकास सम्पूर्ण होता है, ताउम्र होता है। वृद्धि विकास का सिर्फ एक छोटा हिस्सा मात्र है।

ये भी पढ़ें -  विभिन्न शिक्षाशास्त्रियों के अनुसार "वातावरण" की परिभाषा

vridhi aur vikas mein antar bataiye, vridhi aur vikas mein antar spasht kijiye, vridhi aur vikas se aap kya samajhte hain, vridhi tatha vikas mein antar, vridhi kya hai vridhi aur vikas ki avdharna, वृद्धि और विकास में अंतर

vridhi aur vikas mein antar bataiye, vridhi aur vikas mein antar spasht kijiye, vridhi aur vikas se aap kya samajhte hain, vridhi tatha vikas mein antar, vridhi kya hai vridhi aur vikas ki avdharna, वृद्धि और विकास में अंतर
vridhi aur vikas mein antar bataiye, vridhi aur vikas mein antar spasht kijiye, vridhi aur vikas se aap kya samajhte hain, vridhi tatha vikas mein antar, vridhi kya hai vridhi aur vikas ki avdharna, वृद्धि और विकास में अंतर

वृद्धि और विकास में अंतर

वृद्धि और विकास में कुछ प्रमुख अंतर हैं जो इस प्रकार हैं-

ये भी पढ़ें -  गिल्फोर्ड का बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धान्त या त्रिविमीय सिद्धान्त || Guilford's Three Dimensional Theory Of Intelligence

1- वृद्धि और विकास में अंतर की कड़ी में पहला अंतर तो यही है कि वृद्धि या अभिवृद्धि सिर्फ शारीरिक होती है जबकि विकास शाररिक, मानसिक, चारित्रिक, सामाजिक आदि होता है।

2- क्षेत्र- वृद्धि का क्षेत्र संकुचित होता है जबकि विकास का क्षेत्र व्यापक होता है।

3- वृद्धि परिमाणात्मक होती है जबकि विकास गुणात्मक होता है।

4- वृद्धि एक समय के बाद रुक जाती है जबकि विकास जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।

5- वृद्धि और विकास की निरन्तरता ( continuity of growth and development ) वृद्धि लगातार नहीं चलती बल्कि शिशुकाल में तीव्र गति से और उसके बाद धीमी हो जाती है। लेकिन विकास की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। वह रूकती नहीं है ।

ये भी पढ़ें -  SSC Books PDF Free Download in Hindi || Tips, Important Books List

तो दोस्तों ये थे 5 प्रमुख अंतर। आप इतना अच्छे से याद कर लें, समझ लें आपको बहुत मदद मिलेगी। आप अपने दोस्तों की भी हेल्प कर सकते हैं उनसे इस आर्टिकल को शेयर करके। इसके लिए आपको शेयर बटन में जाकर शेयर करना होगा।

इसे भी पढ़ें- व्यक्तित्व का अर्थ एवं परिभाषा, व्यक्तित्व के प्रकार, व्यक्तित्व का परीक्षण

Tag- vridhi aur vikas mein antar bataiye, vridhi aur vikas mein antar spasht kijiye, vridhi aur vikas se aap kya samajhte hain, vridhi tatha vikas mein antar, vridhi kya hai vridhi aur vikas ki avdharna, वृद्धि और विकास में अंतर

Leave a Comment