[Best] 3 Motivational Stories in Hindi

[Best] 3 Motivational Stories in Hindi

दोस्तों कहानियाँ किस्से अक्सर हम दूसरों से सुनते हैं। आपने भी सुना होगा। बचपन मे कहानियां जवानी में कहानियाँ। बस जैसे- जैसे उम्र बढ़ती जाती है कहानी का रूप बदलता जाता है। आज hindimerijaan.com में हम Best 3 motivational stories in Hindi पढ़ेंगे। हर कहानी आपको कुछ न कुछ सीख देगी।

Motivational Quotes और motivational stories हर इंसान को पसन्द होती है। क्योंकि Motivatioal Stories से हम लोगों को कुछ न कुछ motivation मिलती है। यही Inspiration हमे अपनी life को better तरीके से जीने में help करती है। तो ये Motivational Stories Hindi में पढ़कर आप भी प्रेरित हों और दूसरों को भी करें।

Best 5 Motivational Stories in Hindi

Motivational Stories in Hindi, top three motivational story in hindi, Inspirational Stories in Hindi, हिंदी प्रेरणादायक कहानी, Success Stories in Hindi

Motivational Stories in Hindi – 1

आज की 3 प्रेरणादायक कहानियों में पहली कहानी है “सफलता का रहस्य” ये कहानी आपको बताएगी की सफल होने का रहस्य आखिर है क्या?

एक बार की बात है,सुकरात का एक शिष्य उनके पास आया और पूछने लगा कि गुरुवर आखिर सफलता का रहस्य क्या है?

सुुुकरात कुछ देर तक तो शान्त रहे। पर वो ज़िद्द करने लगा कि बताइये आखिर सफलता का रहस्य है क्या? बोलिये न बोलते क्यों नही? क्या आप ये रहस्य मुझसे छिपा रहे हैं?

सुकरात ने कहा ठंड रखो शिष्य बताता हूँ। पास में ही बहती हुई एक नदी की ओर इशारा करते हुए सुकरात ने कहा- ज़रा उस नदी की ओर चलते हैं। शिष्य तैयार हो गया। वो गये और शिष्य की गर्दन पकड़कर उसका मुंह पानी मे डुबो दिया। वह शिष्य छटपटाने लगा। पर सुकरात ने उसका सर डुबोए रखा। और कुछ देर बाद हटाया।

शिष्य ज़ोर ज़ोर से सांस लेने लगा। उसे लगा कि गुरु जी किसी बात का बदला ले रहे हैं। और सोचने लगा कैसे गुरु हैं जो मुझे जान से मार देना चाहते थे। और भला बुरा कहने लगा।

सुकरात ने कहा ज़रा ठहरो। पहले ये बताओ जब तुम्हारा सर पानी के अंदर था तो तुम्हे सबसे ज़्यादा किस चीज़ की ज़रूरत महसूस हुई थी?

शिष्य ने कहा – सांस लेने की।

सुकरात ने कहा – “यही सफलता का रहस्य है।”

शिष्य ने कहा-“मैं समझा नही..”

सुकरात ने कहा कि जब तुम किसी काम को इतना ही तीव्र चाहोगे जैसे सांस लेना चाहते थे तो तुम्हे उस काम मे सफलता पाने से कोई रोक नही सकता।

शिष्य अब सुकरात की बात समझ चुका था। उसने कहा माफ कर दीजिए गुरुवर मैने आपको गलत समझा। आपने तो मुझे बहुत बड़ी बात सिखा दिया।

Motivational Stories in Hindi, Top three motivational story in hindi, Inspirational Stories in Hindi, हिंदी प्रेरणादायक कहानी, Success Stories in Hindi

Motivational Stories in Hindi -2

बेस्ट 3 मोटिवेशनल स्टोरीज इन हिंदी की कड़ी में यह दूसरी कहानी “इंसान की कीमत” बहुत ही ज़्यादा प्रेरणादायक कहानी है।

एक बार किसी जगह एक सेमिनार हो रहा होता है और मोटिवेशनल स्पीकर अपने हाथ मे एक 2000 ₹ की खरी खरी गुलाबी नोट लेकर आता है।

और वह लोगों से पूछता है कि आप सबमें से इसको कौन-कौन लेना चाहता है?

तो सभी लोग अपने हाथ खड़ा कर देते हैं।

अब वह स्पीकर उस नोट को मोड़ देता है और फिर पूछता है अब कौन-कौन लेना चाहेगा?

फिर सब लोग अपना हाथ खड़ा कर देते हैं।

अबकी बार वह नोट लेता है और उसको पैर से कुचल डालता है। और फिर पूछता है -“अब है कोई लेने वाला?”

फिर सब हाथ खड़ा कर देते हैं।

अब मोटिवेशनल स्पीकर कुछ ठहराव लेते हुए कहता है।

आप सबने ये नोट हर स्थिति में क्यों लेना चाही? क्योंकि उसको मोड़ने या कुचलने से उसकी कीमत कम नही हुई।

ठीक इसी तरह हम इंसान होते हैं। हमारे सामने तमाम कठिनाइयां आती हैं बहुत सी बाधाएं आती हैं लोग हमें दबाते हैं। पर इससे हमारी कीमत नही कम हो जाती। इंसान की कीमत किसी भी परिस्थिति में कम नही होती।

इतना सुनते ही सबके चेहरे में एक संतुष्टि वाली मुस्कान थी। सब उस क्षण को महसूस कर पा रहे थे और ख़ुद को स्पेशल फील कर रहे थे।

तो दोस्तों इस कहानी से हमे यही सीख मिलती है कि “इंसान की कीमत” कभी भी कम नही होती।

Motivational Stories in Hindi, Inspirational Stories in Hindi, हिंदी प्रेरणादायक कहानी, Success Stories in Hindi

Motivational story in hindi – 3

Best three motivational story in hindi की इस सीरीज में तीसरी कहानी चालक सोनार की है।

एक राजा था। राजा बहुत ही बुद्धिमान था। राजा ने अपने मंत्रियों से कहा कि क्या कोई मुझसे चोरी कर सकता है। सभी मंत्रियों ने कहा नही राजा आपसे कोई चोरी नही कर सकता है। तभी एक मंत्री ने कहा राजा जी कुछ सुनार होते है । जो व्यक्तियों के सामने से ही सोना चुराते है। तो राजा ने कहा यह नामुमकिन है मेरे सामने कोई भी सुनार सोना नही चुरा सकता।

उसने राज्य के सभी सुनारों को अपने दरबार मे बुलाने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार सभी सुनार राज्य में आये। सभी आपस मे चिंतित थे कि राजा किस वजह से एक साथ हमे बुलाये है।

तभी राजा दरबार मे आये और उन्होंने कहा कि क्या आप मेरी देख रेख में भी सोने की चोरी कर सकते है। कुछ सोनार ने कहा जी हां हम एक चौथाई सोना निकल सकते है। कुछ ने कहा कि हम आधा सोना चुरा सकते है।

तभी राम नाम का सुनार ने कहा कि मैं पूरा सोना आपके सामने रहते हुए भी चुरा सकता है। सभी लोग आश्चर्यजनक हुए की राम तुम यह नही कर सकते पर उसने फिर से कहा नही मैं यह कर सकता हु ।

राजा ने आदेश दिया कि अगर ऐसा तुम कर पाओगे तो तुम्हारा विवाह मैं अपनी बेटी से करवाऊँगा और अपने राज्य का आधा हिस्सा तुम्हे दे दूँगा। और कहा कि यह पूरा काम मेरी और पहरेदारो को निगरानी में होगा । साथ ही तुम्हे अलग से वस्त्र दिए जाएंगे जिन्हें तुम यहां काम करते वक्त उन्हें ही पहनोगे और जाते वक्त अपने वस्त्र ही पहन कर जाओगे।

राम में कहा ठीक है जैसी आप की आज्ञा। राम ने दूसरे दिन से अपना काम आरंभ किया । राजा की देख रकह में एक शिव जी की सोने की मूर्ति उसे बनाने के लिए दी गयी। धीरे धीरे मूर्ति का चलता रहा।वह दिन भर राजा के यहां शिव जी की सोने की मूर्ति बनाता और एक ध्यान देने वाली बात यह थी कि वह रात में शिव जी की पीतल की मूर्ति अपने घर पे बनाता ।

यह क्रम चलता रहा। लगभग एक हफ्ते बाद मूर्ति बनकर तैयार हुई और राम ने राजा से कहा अब मुझे एक चमकाने के लिए ताजा दही चाहिए शाम का वक्त था इस टाइम ताजा दही मिलना मुश्किल था ।

पहरेदारों को आदेश दिया गया कि ताजा दही ढूंढ कर लाया जाए।पहरेदार बहुत परेशान हुए पर उन्हें ताजा दही नही मिला। तभी एक अचानक से एक युवती ताजा दही मटके में बेच रही थी।

राम में सोने की मूर्ति उस मटके में डाली और निकाल कर उसे चमका दिया। फिर राजा ने अपने स्वर्ण विशेषज्ञ को बुलाया और मूर्ति की जांच करने को कहा और पूछा कि इस मूर्ति में कितना सोना है। स्वर्ण विशेषज्ञ आश्चर्यजनक हुए की राजा इसमें तो एक भी सोना नही है। यह जानकर राजा भी बहुत हैरान हुआ कि पूरा काम मेरी देख रेख में हुवा है फिर भी ऐसा कैसे हो सकता है।

उसे पहरेदार दरबार लेकर आये और राजा ने उस पूरे मटके को खरीद कर राम को दे दिया और युवती को पैसे देकर जाने को कहा।

राजा ने राम से पूछा कि तुमने ऐसा कैसे किया। उसने राजा से कहा कि आप सच जानकर मुझे सजा तो नही देंगे । राजा ने वादा किया कि नही ऐसा नही होगा। राम ने बताया कि दही बेचने वाली मेरी बहन थी मैन उस से पीतल की मूर्ति निकाली और सोने की मूर्ति डाल दी थी। राजा उसकी चतुराई से प्रसन्न हुए । उन्होंने वादा किये आनुसार अपनी बेटी का ब्याह उस से कर दिया और आधे राज्य को उसे सौप दिया।

इस कहानी से हमे यह सीख मिलती है कि इन्सान अपनी चालाकी से कोई भी कार्य कर सकता है।

तो दोस्तों आपको ये 3 मोटिवेशनल कहानियाँ कैसी लगीं, कमेंट करके ज़रूर बताएं और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

Motivational Stories in Hindi, Inspirational Stories in Hindi, हिंदी प्रेरणादायक कहानी, Success Stories in Hindi,Motivational Stories in Hindi, Inspirational Stories in Hindi, हिंदी प्रेरणादायक कहानी, Success Stories in Hindi

Leave a Comment