अभिप्रेरणा का अर्थ, परिभाषाये, सिद्धान्त

अभिप्रेरणा

0
372

अभिप्रेरणा का अर्थ, परिभाषाये, सिद्धान्त : आपेक्षित व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करना आरंभ करना जारी रखना तथा दिशा प्रदान करना अभिप्रेरणा कहलाता है।
अभिप्रेरणा अंग्रेजी के Motivation शब्द का हिंदी रूपांतरण है।Motivation शब्द की लैटिन भाषा के Motum शब्द से बना है। जिसका अर्थ है – Motion (गति)। अतः प्रेरणा या अभिप्रेरणा वह शक्ति है , जो व्यकि के कार्य को गति प्रदान करती है।

आज HMJ आपको अभिप्रेरणा का अर्थ, अभिप्रेरणा की परिभाषाएं,अभिप्रेरणा के स्रोत,अभिप्रेरणा के सिद्धांत, अभिप्रेरणा के प्रकार, अभिप्रेरणा की विधियां आदि के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।

Abhiprerna ka arth, paribhashyen evam uddeshya

अभिप्रेरणा की परिभाषाएं

गुड के अनुसार

“प्रेरणा कार्य को आरंभकरने, जारी रखने और नियमित करने की प्रक्रिया है”


“Motivation is the process of arousing ,
sustaining and regulating activity,”- Good

एविरल के शब्दों

” अभिप्रेरणा का तात्पर्य है -सजीव प्रयास”
” Motivation means vitalized effort”- Averill

पीटी यंग के शब्दों में


“अभिप्रेरणा व्यवहार को जागृत करने,क्रिया के विकास को संपोषित करने और क्रिया के तरीकों को नियमित करने की प्रक्रिया है”
“Motivation is the process of acousing action, sustaining the activities in the process and regulating the pattern of activity ” – P. T. Young

अभिप्रेरणा के प्रकार

अभिप्रेरणा के निम्नलिखित प्रकार है ।

1.सकारात्मक अभिप्रेरणा

इस प्रेरणा में बालक किसी कार्य को अपनी स्वयं की इच्छा से करता है इस प्रेरणा को आंतरिक प्रेरणा भी कहते हैं

2.नकारात्मक अभिप्रेरणा

इस तरह की अभिप्रेरणा में बालक किसी कार्य को अपनी इच्छा के अनुसार ना करके किसी दूसरे के अनुसार या बाह्य प्रभाव के कारण करता है। नकारात्मक अभिप्रेरणा कहलाती है। शिक्षक व अभिभावक दंड तथा पुरस्कार , निंदा हुआ प्रशंसा करके बालक को नकारात्मक अभिप्रेरणा प्रदान करते है।

अभिप्रेरणा के स्रोत

अभिप्रेरणा के निम्नलिखित स्रोत है।
1. सफलता एवं असफलता
2.प्रतियोगिता एवं सहयोग
3.प्रगति का ज्ञान
4.नवीनता
5. रुचि

अभिप्रेरणा के प्रमुख सिद्धांत

अभिप्रेरणा के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं।

1.मूल प्रवृत्ति सिद्धांत

इस सिद्धांत के अनुसार मनुष्य अपने व्यवहार का निर्देशन व नियंत्रण मूल प्रवृत्ति की सहायता से करता है।

2. प्रणोद सिद्धांत-

इस सिद्धांत के अनुसार अभिप्रेरणा से प्रणोद की स्थिति पाई जाती है।यह अवस्था शारीरिक अवस्था या बाहरी उद्दीपक से उत्पन्न होती है।

3.विरोधी प्रक्रिया सिद्धांत

इस सिद्धांत का प्रतिपादन सोलोमेन व कौरविट के द्वारा किया गया। इसके अनुसार सुख देने वाले लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम प्रेरित रहते हैं। तथा जिसमें हमें अप्रसन्नता होती है उसे दूर रहते हैं।और प्रेरणा के इस सिद्धांत को संवेग का सिद्धांत भी कहा जाता है ।

4.मर्रे का अभिप्रेरणा सिद्धांत

मर्रे ने अपने अभिप्रेरणा के सिद्धांत को आवश्यकता के रूप में बताया है यह सिद्धांत यह बताता है कि प्रत्येक आवश्यकता के साथ एक विशेष प्रकार का संवेग जुड़ा होता है।

अभिप्रेरणा की विधियां

अभिप्रेरणा प्रदान करने में निम्नलिखित विधियों का प्रयोग किया जाता है।

रुचि –

किसी भी कार्य को करने के लिए रुचि एक विशेष महत्व रखती है अतः शिक्षक को सर्वप्रथम इस बात का ध्यान देना चाहिए। कि किसी भी विषय वस्तु में सर्वप्रथम रुचि उत्तपन्न की जाए। और साथ-साथ पाठ्य विषयों का संबंध उनकी रुचियों से स्थापित किया जाए।

सफलता

हम यह देखते हैं कि अगर हम किसी कार्य में सफलता प्राप्त कर लेते हैं।तो हमारी उस कार्य के प्रति रुचि बढ़ जाती है। इसलिए शिक्षक का यह दायित्व बनता है कि वह बालक से जो भी कार्य करवा रहा है उसे उसमें सफलता अवश्य मिले।जिससे कि आगे आने वाले कार्यों में उसके प्रति रुचि बनी रहे।

प्रशंसा

बालक अगर किसी कार्य को कर रहा है।और उसमें सफलता प्राप्त कर रहा है तो उसकी प्रशंसा अवश्य करनी चाहिए जिससे कि उसमें अभिप्रेरणा उतपन्न हो सके।

खेल

छोटे बालकों की शिक्षा में खेल तथा गतिविधि का प्रयोग करना चाहिए। इन विधियों का प्रयोग करने से बालको रुचि तथा प्रेरणा जागृत होती है।

आशा है कि हमारे द्वारा दी गयी अभिप्रेरणा का अर्थ, अभिप्रेरणा की परिभाषाएं,अभिप्रेरणा के स्रोत,अभिप्रेरणा के सिद्धांत, अभिप्रेरणा के प्रकार, अभिप्रेरणा की विधियां आदि की जानकारी अच्छी लगी होगी अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो जरूर शेयर करे।

लोग क्या पढ़ रहे है-

मापन और मूल्यांकन में अंतर

समावेशी शिक्षा , अर्थ, परिभाषा और उद्देश्य

शिक्षण विधियां और उनके प्रतिपादक

कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिंद्धान्त

पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिंद्धान्त,

मूल्यांकन का अर्थ, सोपान और उद्देश्य

अधिगम अक्षमता, प्रकार , विशेषताए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here