साहित्य अकादमी पुरस्कार क्या है? साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 किसे मिला? - Hindi Meri Jaan

साहित्य अकादमी पुरस्कार क्या है? साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 किसे मिला?

साहित्य अकादमी पुरस्कार क्या है? साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 किसे दिया गया? साहित्य अकादमी सम्मान 2019 किसको मिला? आज के इस आर्टिकल में साहित्य अकादमी पुरस्कार की बात की जाएगी। और यह भी बताया जाएगा कि 2019 में यह किस किसको प्रदान किया गया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019

साहित्य अकादमी पुरस्कार क्या है? यह किसलिए और कब दिया जाता है?

साहित्य अकादमी पुरस्कार 1955 से दिया जा रहा है। साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार हर वर्ष प्रदान किये जाते हैं। साहित्य अकादमी सम्मान 2018 से सम्मानित चित्रा मुद्गल थीं। जिन्हें पोस्ट बॉक्स नम्बर 203 नाला सोपारा के लिए यह पुरस्कार मिला था।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 किसे प्रदान किया गया?

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 की बात की जाए तो यह दो लोगों को मिला है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 हिंदी में नन्द किशोर आचार्य जी को मिला। उनको यह पुरस्कार अपने कविता संग्रह ‘छीलते हुए अपने को’ के लिए दिया गया है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 हिंदी में
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 हिंदी में

वहीं साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 अंग्रेजी के लिए शशि थरूर जी को मिला है। जो किसी परिचय के मोहताज नही हैं। इनको An Era of Darkness नॉन Fiction English Literature के लिए मिला।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 अंग्रेजी के लिए
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 अंग्रेजी के लिए

हिंदी भाषा मे साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 से सम्मानित नन्द किशोर आचार्य की कुछ अच्छी कविताएं

यह उस संग्रह से नहीं हैं जिनके लिए उनको पुरस्कार दिया गया है लेकिन उनकी कविता की संवेदना को इनसे समझा जा सकता है –

अभिधा में नहीं

जो कुछ कहना हो उसे
–खुद से भी चाहे—
व्यंजना में कहती है वह
कभी लक्षणा में
अभिधा में नहीं लेकिन
कभी
कोई अदालत है प्रेम जैसे
कबूल अभिधा में जो
कर लिया
–सजा से बचेगी कैसे!

हर कोई चाहता है

साधू ने भरथरी को
दिया वह फल—
अमर होने का
भरथरी ने रानी को
दे दिया
रानी ने प्रेमी को अपने
प्रेमी ने गणिका को
और गणिका ने लौटा दिया
फिर भरथरी को वह
—भरथरी को वैराग्य हो
आया
वह नहीं समझ पाया:
हर कोई चाहता है
अमर करना
प्रेम को अपने.

(साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 हिंदी भाषा से सम्मानित कवि की उत्तम रचनाएं)

मेरी तरह

सीने में गहरे
सूखी धरती के
बहती रहती है जलधार
सदा बसा रहता है
अपनी स्मृतियों में
उजाड़
आकाश के कानों में
गूंजा ही करती सब समय
सन्नाटों की पुकार
इन सबने क्या
मेरी तरह
किया था कभी
तुम से प्यार?

यादों में

एक उदास गंध है
सूख कर झरे सपनों की
दरख़्त के
खुशबू के रंगों की
यादों में
डूबा है जो.
सपना जो नहीं होता
झूठा है वह सच

सपना नहीं जो होता—

सपने में ही जीना
सपने को चाहे सच होना है उसका
झूठ को जियो कितना ही
सच नहीं होता वह
जिऊँ चाहे सपने-सा
तुम्हें
सच तुम ही हो मेरा.

सपने में- एक

देखा सपने में
मैंने
अपने को
देखते हुए सपना
–और ईश्वर हो गया
जागता हुआ सपने में.

सपने में—दो

सपने में देखा जो
तुमने
अपना सपना देखते
मुझको
सुला लिया उस को
गहरी नींद में अपनी

उम्मीद है आपको साहित्य अकादमी पुरस्कार 2019 से जुड़ा यह आर्टिकल ज़रूर पसन्द आया होगा।

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