बुद्धि का अर्थ और परिभाषा,बुद्धि परीक्षण, बुद्धि के सिद्धांत

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बुद्धि का अर्थ और परिभाषा, बुद्धि परीक्षण : बुद्धि एक प्रकार की सामान्य योग्यता है जिसके द्वारा व्यक्ति विभिन्न परिस्थितियों को समझता है। और उनके अनुसार अपने व्यवहार में यथोचित परिवर्तन करता है। बुद्धि के सहारे वह विभिन्न समस्याओं को सुलझा कर व्यवहारिक जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

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Contents

बुद्धि का अर्थ और परिभाषा

Buddhi ke siddhant, buddhi ka arth, buddhi ki paribhasha

बर्ट के अनुसार बुद्धि की परिभाषा

“बुद्धि सापेक्ष रूप में नवीन परिस्थितियों में अभियोजक करने की जन्मजात योग्यता है”

गाल्टन के अनुसार बुद्धि की परिभाषा

“बुद्धि पहचानने तथा सीखने की शक्ति है “

बकिंघम के अनुसार बुद्धि की परिभाषा

“सीखने की शक्ति बुद्धि है”

क्रूज के अनुसार

“बुद्धि नई तथा भिन्न परिस्थितियों में समुचित रूप से समायोजन करने की योग्यता है “

टर्मन के अनुसार

“अमूर्त वस्तुओं के विषय में सोचने की योग्यता बुद्धि है”

वुडवर्थ के अनुसार

” बुद्धि कार्य करने की एक विधि है।”

टरमैन के अनुसार

“बुद्धि अमूर्त चिंतन की क्षमता है”

बुद्धि की विशेषताएं

बुद्धि की विशेषताएं निम्नलिखित है।

1.बुद्धि एक जन्मजात सकती है या वंशानुक्रम से प्राप्त होती है।

2.बुद्धि वह शक्ति है। जिसके द्वारा व्यक्ति कठिनाइयों को दूर करके परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार का संगठन करता है।

3.बुद्धि सीखने की क्षमता है।

4.बुद्धि अतीत के अनुभवों से लाभ उठाने की योग्यता है।

5.बुद्धि अमूर्त चिंतन और बुद्धि के द्वारा जो प्रत्यक्ष नहीं है उसके बारे में चिंतन कर सकते हैं।

6.बुद्धि विभिन्न योग्यताओं का समूह है ।

7. बुद्धि द्वारा अर्जित ज्ञान का नवीन परिस्थितियों में उपयोग किया जा सकता है।

8.लिंग भेद के कारण बुद्धि में भेद नहीं दिखाई पड़ता है।

बुद्धि के सिद्धांत

मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि के सिद्धांत के संदर्भ में विभिन्न प्रकार के शोध किए हैं जिसके माध्यम से बुद्धि की जो एक जटिल प्रक्रिया उसके बारे में हमें अच्छे ढंग से जानकारी प्राप्त हो सके।

मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि के अनेक सिद्धांत दिए हैं जिनमें से प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं।
1.एक खंड का सिद्धांत
2.द्वी-खंड का सिद्धांत
3.त्रि-खंड का सिद्धांत
4.बहु -खंड का सिद्धांत
5.मात्रा का सिद्धांत

एक खंड का सिद्धांत

इस सिद्धांत के प्रतिपादक पर बिने , टरमैन और स्टर्न है। इन्होंने बुद्धि को एक अखंड एवं अविभाज्य इकाई माना है। योग्यताओं के विभिन्न परीक्षणों द्वारा यह सिंद्धान्त असत्य कर दिया गया।

द्वि- खंड का सिद्धांत

इस सिद्धांत के प्रतिपादक स्पीयर मैन है इसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति में दो प्रकार की बुद्धि पाई जाती है सामान्य बुद्धि विशिष्ट बुद्धि। इसे G & S थ्योरी भी कहते है।

त्रि खण्ड का सिद्धांत

इस सिद्धांत के प्रतिपादक भी स्पियमैन है। द्वि खण्ड का सिद्धांत प्रतिपादित करने के बाद उन्होंने बुद्धि का एक और खंड बताया। जिसे सामूहिक खंड नाम दिया गया है। इसलिए इन्होंने इस खंड में ऐसी योग्यताओं को स्थान दिया जो सामान योग्यता से श्रेष्ठ और विशिष्ट योग्यता से निम्न है।

समूह कारक सिद्धांत

इस सिद्धांत के प्रतिपादक कैली और थर्स्टन हैं।

मात्रा का सिद्धांत

मात्रा के सिद्धांत का प्रतिपादन थार्नडाइक ने किया थार्नडाइक मत है कि मस्तिष्क का गुण स्नायु तंतुओ की मात्रा पर निर्भर करता है।अर्थात बुद्धि उतनी ही अधिक अच्छी होती है। जितनी अच्छी मस्तिष्क और स्नायु मंडल के संबंध होते हैं।क्योंकि मानसिक क्रियाओं का आधार यही संबंध है।

बुद्धि के प्रमुख सिंद्धान्त और प्रतिपादक:

नीचे बुद्धि की प्रमुख सिंद्धान्त और उनके प्रतिपादक की सारणी दी गयी है।

बुद्धि के सिंद्धान्तप्रवर्तक
एक कारक सिद्धांतविने, टरमैन, स्टर्न
द्विकारक सिद्धांतस्पीयर मैन
त्रिकारक सिद्धांत स्पीयर मैन
बहु तत्व सिद्धांत थार्नडाइक
बहु मानसिक योग्यता का सिद्धांत थार्नडाइक
6 या 7 कारक का सिद्धांत थर्स्टन
वर्ग घटक या संघ सत्तात्मक सिद्धांतथॉमसन
क्रमिक महत्त्व का सिद्धांतवर्ट वर्नन
बुद्धि की संरचना सिद्धांतगिल्फोर्ड
तरल ठोस बुद्धि सिद्धांत कैटल
पदानुक्रमिक सिद्धांत फिलिप बर्नन
3 तत्व सिद्धांत राबर्ट स्टैन वर्ग
बुद्धि का पास मॉडल जे.पी दास
संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत जीन पियाजे
G.S कारक एक सिंद्धान्त स्पीयर मैन
G. S फेक्टर के प्रतिपादक स्पीयर मैन

बुद्धि के प्रकार

बुद्धि के प्रकार मनोवैज्ञानिक थार्नडाइक ने बुद्धि को कई शक्तियों का समूह मानते हुए बुद्धि के निम्नलिखित प्रकार बताए हैं
1.अमूर्त बुद्धि
2.सामाजिक बुद्धि
3.गामक या यांत्रिक बुद्धि

अमूर्त बुद्धि

अमूर्त बुद्धि ज्ञानोपार्जन के प्रति रुचि, रुझान ,पढ़ने -लिखने से सम्बंधित पुस्तकिय ज्ञान प्राप्त करने में शब्दों तथा प्रतीकों के रूप में उपस्थित समस्याओं को हल करने में प्रकट होती है। जैसे- गणित के सूत्रों को हल करने में

सामाजिक बुद्धि

सामाजिक बुद्धि का संबंध सामाजिक अनुकूलन की अवस्था से है।जिसकी सहायता से व्यक्ति अपने को समाज के अनुकूल व्यवस्थित कर लेता है।सामाजिक बुद्धि के कारण व्यक्ति दूसरों को अपने व्यवहार से प्रभावित कर लेता है।

गामक बुद्धि या यांत्रिक बुद्धि

यांत्रिक योग्यता सहायता से अपने यांत्रिक पदार्थों से संबंधित परिस्थितियों के समान सुव्यवस्थित कर लेता है। जिन बालकों में यह शक्ति होती है। वह उनमें प्रारंभिक काल से दिखाई पड़ने लगती है।वह अपने खिलौने , घड़ी या सायकिल को खोल कर ठीक करने का प्रयास करते हैं। ऐसे बालक आगे चलकर कुशल कारीगर, मिस्त्री, इंजीनियर बनते हैं।

बुद्धि परीक्षण

बुद्धि का मापन करने के लिए बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया गया है। बुद्धि परीक्षण शिक्षा की बहुत सारी समस्याओं का समाधान करने में सहायता देती है। सन 1905में विने ने अपने सहयोगी साइमन के साथ मिलकर सबसे पहला बुद्धि परीक्षण तैयार किया था। विने- साइमन परीक्षणों को विभिन्न देशों ने मान्यता दी गई है।

सन 1908 ई में विने -साइमन परीक्षणों को विभिन्न देशों ने मान्यता दी गई है। सन 1960 ईस्वी में अमेरिका तथा यूरोप में बिने साइमन स्केल में सुधार किया गया।अमेरिका में टरमैन ने सन 1916 से 1918 के बीच बिने साइमन इसके का संशोधन किया। और इसका नाम स्टैनफोर्ड बिने स्केल रखा।

सन 1937 में टरमैन ने मैरिल की सहायता से इसमें फिर कुछ सुधार किया और उसका नाम टरमैन मैरिल स्केल रखा।

भारत में मनोविज्ञानशाला इलाहाबाद ने भारतीय बालकों के लिए बिने साइमन परीक्षणों का संशोधन किया गया है भारत में डॉक्टर सोहनलाल ,डॉक्टर जलोटा ,डॉ .पंडित लज्जा शंकर तथा डॉक्टर भाटिया आदि ने विभिन्न बुद्धि परीक्षण तैयार किए हैं।

बुद्धि परीक्षण के प्रकार

बुद्धि परीक्षण को प्रशासन की दृष्टि से दो भागों में बांटा गया है। जो इस प्रकार है।
(अ) 1.व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण

2. सामूहिक बुद्धि परीक्षण
कुछ परीक्षण भाषा के द्वारा समस्याएं प्रस्तुत की जाती हैं।अतः बुद्धि परीक्षण को प्रस्तुतीकरण की दृष्टि से दो भागों में बांटा जा सकता है ।जो निम्न है।

(ब) 1. शाब्दिक बुद्धि परीक्षण
2.अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण
उपर्युक्त दोनों वर्गों के मिश्रण से बुद्धि परीक्षण को निम्नलिखित चार वर्गों में विभाजित किया गया है।

1.वैयक्तिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण

2. वैयक्तिक आ शाब्दिक बुद्धि परीक्षण

3.सामूहिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण

4.सामूहिक अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण

1.वैयक्तिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण

वैयक्तिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण में बुद्धि परीक्षा के लिए एक समय में एक व्यक्ति को लेते हैं।और उसमें व्यक्ति को वह भाषा जानना आवश्यक होता जो परीक्षा में प्रयोग में लाई जाती है। बिने साइमन बुद्धि स्केल बिन में मानसिक आयु के आधार पर बुद्धि परीक्षण किया जाता है।

2.वैयक्तिक आशाब्दिक बुद्धि परीक्षण


वैयक्तिक आशाब्दिक बुद्धि परीक्षण उनके लिए होता है जिन्हें भाषा संबंधित ज्ञान नहीं होता है अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण में निम्नलिखित परीक्षण किए जाते हैं।

3.सामूहिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण

इसमें भाषा का प्रयोग ही अधिक होता है शाब्दिक परीक्षणों में शब्दों का और संख्याओं का अधिक प्रयोग किया जाता है। इन परीक्षणों से बालकों की शाब्दिक योग्यता का मापन होता है। सामूहिक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण ओं का विकास प्रथम विश्व युद्ध के समय हुआ क्योंकि बड़ी शीघ्रता में बड़ी संख्या में सैनिकों का चयन करना था। इस वर्ग में मुख्य रूप से आने वाले परीक्षण निम्नलिखित हैं।

1.आर्मी अल्फा टेस्ट

यह परीक्षण अंग्रेजी भाषा जानने वालों के लिए ह।ै इस परीक्षण का निर्माण अमेरिका में प्रथम विश्व युद्ध के समय किया गया था।

2.सेना सामान्य वर्गीकरण परीक्षण

द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका में सेना के विभिन्न विभागों में सैनिकों का वर्गीकरण करने के लिए सामान्य वर्गीकरण का प्रयोग किया गया था।इस परीक्षण का प्रयोग देने के लिए किया गया था।

4.सामूहिक अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण

इसमें भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता है ।इस परीक्षण में किसी जानवर का चित्र बनाया जाता है यह किसी दिए गए चित्र में गलती बताई जाती है इस परीक्षण के बुद्धि परीक्षण के निर्माण में टरमैन, थामसन, बेलार्ड तथा कैटल आदि वैज्ञानिकों ने योगदान दिया। इस वर्ग के उल्लेखनीय परीक्षण निम्नलिखित है।

1.आर्मी बीटा परीक्षण

आर्मी बीटा टेस्ट का निर्माण भी अमेरिका में प्रथम युद्ध के समय में किया गया था। विभिन्न पदों और विभागों में कार्य करने वाले व्यक्तियों का चयन ऐसे लोगों में से करना था। जो कि अशिक्षित थे। तथा अंग्रेजी भाषा ज्ञान नहीं रखते थे।भाषा ज्ञान नहीं रखते थे।

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