उन्नाव दुष्कर्म कांड में पीड़िता और उसके परिवार को दी गयी सीआरपीएफ सुरक्षा

उन्नाव दुष्कर्म कांड में सुप्रीम कोर्ट की तरफ ने हालातो को देखते हुए तथा पीड़िता की सुरक्षा में हुई भारी लापरवाही को देखते हुए सीआरपीएफ सुरक्षा देने का फैसला किया है। बीते रविवार को दुर्घटना में पीड़िता के दो रिश्तेदारो की मृत्यु हो गयी थी , साथ ही साथ पीड़िता और उसके वकील लखनऊ के अस्पताल में हर पल मौत से लड़ाई लड़ रहे है।दुर्घटना से पहले पीड़िता और उसके परिवार ने अपनी सुरक्षा के लिए कई लोगो को चिट्टिया लिखी थी।

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परन्तु उस पर कोई संज्ञान नही लिया था। और अब दुर्घटना के बाद इस चिट्ठी पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल कई आदेश जारी किए है। जिसमे पीड़िता के परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा के साथ साथ पीडिता को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 25 लाख अंतरिम मुआवजा की बात कही गई है। साथ ही साथ कोर्ट ने यह कहा कि दुर्घटना के संदर्भ में हो रही सीबीआई जांच को साथ दिनों के अंदर पूरा किया जाए। और अगर अधिक जरूरत पड़े तो साथ दिन का वक्त सीबीआई और ले सकती है।

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कोर्ट ने पीड़िता के पांचों मुकदमो का ट्रायल रोजना सुनवाई कर 45 दिन में पूरा करने का आदेश दिया है।और इस दुष्कर्म कांड और उस से सम्बंधित 5 मामलों की केस की सुनवाई को अब दिल्ली में करने के लिए बोला।साथ ही साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़िता के सुरक्षा में तैनात तीन पुलिस वालों को निलंबित कर दिया है।इसमें दो महिला कांस्टेबल और एक पुरुष कांस्टेबल थे । ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि जब दुर्घटना हुई उस दिन पुलिस वाले नही मौजूद थे।

उन्नाव दुष्कर्म कांड का पूरा मामला है क्या?

यह मामला उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जा है। पीड़िता का आरोप है कि 4 जून 2017 को उसका दुष्कर्म किया गया । साथ ही साथ यह बताया गया कि उस समय लड़की की उम्र 17 साल थी। 11 जून 2017 को लड़की मुह खोलने के डर से अगवा कर लिया गया था। और उसको कानपुर और औरैया ले जाया गया। और वहां उसका गैंगरेप हुवा।

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उसके पश्चात लड़की के पिता के द्वारा चार लोगों के किलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। उसके बाद पुलिस के द्वारा लड़की को खोज लाया गया। और दिनों बाद सभी लोग जेल से बाहर आ जाते है। उसके बाद लड़की के पिता ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया।

समय बीतता है। और 10 महीने बाद लगभग विधयाक का भाई लड़की के पिता के खिलाफ मार पीट का मुकदमा दर्ज करवाती है। पुलिस के द्वारा लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया जाता है। और उसकी कस्टडी में ही मृत्यु हो जाती है। उसके बाद मामला गर्माता है। और विधयाक और उसके भाई की गिरफ्तारी होती है।

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